मुगल प्रशासन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मनसबदारी प्रणाली एक अनूठी प्रशासनिक प्रणाली थी, जिसमें सैन्य और नागरिक सेवाएँ एक साथ थीं।
- 2. अकबर ने भू-राजस्व निर्धारण की 'दहसाला प्रणाली' आरंभ की।
- 3. 'जागीरदारी' प्रणाली में मनसबदारों को नकद वेतन के स्थान पर भू-राजस्व के क्षेत्र (जागीर) दिए जाते थे।
ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
- Aतीनों
- Bकेवल पहला और दूसरा
- Cकेवल एक
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) तीनों
व्याख्या
तीनों कथन सही हैं।
- कथन 1: अकबर द्वारा संगठित मनसबदारी प्रणाली में हर अधिकारी का एक मनसब (पद) होता था। यही पद सैन्य सेनापतियों और नागरिक अधिकारियों दोनों पर लागू थे, और किसी अधिकारी को एक प्रकार के कार्य से दूसरे में भेजा जा सकता था।
- कथन 2: अकबर ने 1580 में दहसाला (दस-वर्षीय) प्रणाली आरंभ की, जिसे राजा टोडरमल ने तैयार किया। हर फ़सल पर राजस्व पिछले दस वर्षों की औसत उपज और कीमतों के आधार पर नकद में तय होता था।
- कथन 3: अधिकांश मनसबदारों को नकद के बजाय जागीर दी जाती थी, यानी किसी क्षेत्र का भू-राजस्व वसूलने का अधिकार। जिन्हें नकद वेतन मिलता था, वे *नकदी* कहलाते थे।