प्राचीन इतिहास PYQ 172 / 236 · गुप्त एवं गुप्तोत्तर काल

समुद्रगुप्त के निम्नलिखित अभिलेखों में से कौन-सा उसे 'परम भागवत' कहता है?

  1. Aप्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख
  2. Bएरण स्तंभ अभिलेख
  3. Cभितरी अभिलेख
  4. Dमहरौली अभिलेख

B.P.S.C. DSO (Pre) 2025

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (a) प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख

व्याख्या

अपेक्षित उत्तर प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभ अभिलेख (प्रयाग प्रशस्ति) है, जो समुद्रगुप्त का मुख्य अभिलेख है। इसे उसके दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में रचा। इसमें उसकी विजयों की सूची है, कवि (कविराज) और संगीतज्ञ के रूप में उसकी प्रशंसा है, और उसे लिच्छवि-दौहित्र (लिच्छवियों की पुत्री का पुत्र) कहा गया है।

समुद्रगुप्त विष्णु का उपासक था। उसके लिए परम भागवत (विष्णु का परम भक्त) उपाधि गया और नालंदा ताम्रपत्रों में मिलती है, जिन्हें कुछ विद्वान बाद की प्रतियाँ मानते हैं। बाद के गुप्त राजाओं ने, विशेषकर चंद्रगुप्त II ने, भी यह उपाधि अपनाई।

  • एरण अभिलेख भी समुद्रगुप्त का है, किंतु उसका केवल एक अंश बचा है।
  • भितरी स्तंभ अभिलेख स्कंदगुप्त का है।
  • महरौली लौह स्तंभ अभिलेख चंद्र नामक राजा का है, जिसे सामान्यतः चंद्रगुप्त II माना जाता है।

The title 'Parama Bhagavata' appears for Samudragupta mainly in the Gaya and Nalanda copper plates, which are not among the options. The book's key is (a), his best-known inscription.

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