हड़प्पा सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हड़प्पा लिपि मिस्र और मेसोपोटामिया की लिपियों की हूबहू प्रतिकृति थी, जो उनके सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
- 2. पूरी सभ्यता में मानक बाटों और मापों का प्रयोग हड़प्पा संस्कृति की एकरूपता को दर्शाता था।
- 3. हड़प्पाई मृद्भांड अधिकतर हाथ से बने थे, क्योंकि वे कुम्हार के चाक से अनजान थे।
ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?
- Aतीनों
- Bकेवल दो
- Cकेवल एक
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) केवल एक
व्याख्या
केवल कथन 2 सही है।
- कथन 1 गलत है: हड़प्पा लिपि अपनी स्वतंत्र लिपि है, जो चित्रात्मक चिह्नों से बनी है, और अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है। यह मिस्र की चित्रलिपि (हायरोग्लिफ़) या मेसोपोटामिया की कीलाक्षर (क्यूनिफ़ॉर्म) लिपि की नकल नहीं है।
- कथन 2 सही है: पूरी सभ्यता में बाटों और मापों की एक ही प्रणाली प्रयुक्त होती थी। बाट, जो अधिकतर चर्ट पत्थर के घन थे, द्विआधारी क्रम (1, 2, 4, 8, 16 …) और फिर दशमलव गुणजों का पालन करते थे, जिससे व्यापार और नियंत्रण में सहायता मिलती थी।
- कथन 3 गलत है: अधिकांश हड़प्पाई मृद्भांड चाक पर बने थे। हड़प्पावासी तेज़ घूमने वाले कुम्हार के चाक का प्रयोग करते थे और काले रंग से चित्रित लाल मृद्भांड बड़ी मात्रा में बनाते थे।