एक प्रोबायोटिक स्ट्रेन पित्त अम्लों को विसंयुग्मित करके सीरम कोलेस्टेरॉल घटाता है। इस प्रभाव के पीछे कौन-सी एंजाइमी क्रिया है?
- Aयूरिएज़
- Bकैटालेज़
- Cबीटा-गैलैक्टोसाइडेज़
- Dपित्त-लवण हाइड्रोलेज़
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) पित्त-लवण हाइड्रोलेज़
व्याख्या
यकृत में पित्त अम्ल ग्लाइसीन या टॉरीन से जुड़े (संयुग्मित) होते हैं। कुछ प्रोबायोटिक जीवाणु पित्त-लवण हाइड्रोलेज़ (BSH) एंजाइम बनाते हैं, जो इस बंध को तोड़कर पित्त अम्लों को मुक्त करता है।
मुक्त (विसंयुग्मित) पित्त अम्ल कम अच्छी तरह पुनः अवशोषित होते हैं और उनमें से अधिक मल में निकल जाते हैं। तब यकृत नए पित्त अम्ल बनाने के लिए अधिक कोलेस्टेरॉल प्रयुक्त करता है, अतः रक्त में कोलेस्टेरॉल का स्तर घटता है।
- यूरिएज़ यूरिया को अमोनिया और CO₂ में तोड़ता है।
- कैटालेज़ हाइड्रोजन पेरॉक्साइड को तोड़ता है।
- बीटा-गैलैक्टोसाइडेज़ लैक्टोस को तोड़ता है।