कीट नमूनों को सँजोते समय आपको दो स्थापित वंशों के बीच की पंख शिरा-विन्यास रचना मिलती है। जैविक जाति अवधारणा के अनुसार नया वंश बनाने से पहले कौन-सा अतिरिक्त साक्ष्य निर्णायक है?
- Aकिसी मान्य संग्रहालय में होलोटाइप का संरक्षण
- Bअंतःप्रजनन कर उर्वर संतान उत्पन्न करने की क्षमता (या अक्षमता)
- Cभौगोलिक परास और आवास का अतिव्यापन
- Dकेवल भिन्न कैरियोटाइप संख्याएँ
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) अंतःप्रजनन कर उर्वर संतान उत्पन्न करने की क्षमता (या अक्षमता)
व्याख्या
जैविक जाति अवधारणा (अर्न्स्ट मेयर) के अनुसार जाति उन आबादियों का समूह है जिनके सदस्य प्रकृति में अंतःप्रजनन कर उर्वर संतान उत्पन्न कर सकते हैं, और जो अन्य ऐसे समूहों से जननिक रूप से पृथक हैं।
पंख शिरा-विन्यास जैसे शारीरिक लक्षण भ्रामक हो सकते हैं, क्योंकि असंबंधित समूह एक जैसे दिख सकते हैं और एक ही जाति में विविधता हो सकती है। अतः नया समूह नामित करने से पहले इस अवधारणा के अंतर्गत निर्णायक साक्ष्य यह है कि कीट अंतःप्रजनन कर सकते हैं या नहीं और उर्वर संतान उत्पन्न करते हैं या नहीं। नामकरण के लिए होलोटाइप आवश्यक है, पर वह जननिक पृथक्करण नहीं दिखाता।