एक FRAP (फ़्लोरेसेंस रिकवरी आफ़्टर फ़ोटोब्लीचिंग) अध्ययन में GFP-टैग वाले झिल्ली प्रोटीन की पूरी पुनःप्राप्ति 37 °C पर 15 s में और 10 °C पर 45 s में होती है। कम ताप पर धीमी पुनःप्राप्ति का सबसे संभावित कारण क्या है?
- AGFP जीन की कम अनुलेखन दर
- Bफ़ोटोब्लीचिंग दक्षता में परिवर्तन
- Cघटा हुआ अंतःकोशिकता (एंडोसाइटोसिस)
- Dझिल्ली की घटी हुई पार्श्व तरलता
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) झिल्ली की घटी हुई पार्श्व तरलता
व्याख्या
FRAP में एक लेज़र झिल्ली के छोटे भाग में प्रतिदीप्त (GFP-टैग वाले) प्रोटीनों को विरंजित करता है। प्रतिदीप्ति उस भाग में तब लौटती है जब झिल्ली के शेष भाग से अविरंजित प्रोटीन पार्श्व में खिसककर आते हैं, अतः पुनःप्राप्ति की गति मापती है कि प्रोटीन कितनी स्वतंत्रता से चलते हैं।
तरल मोज़ेक मॉडल के अनुसार झिल्ली की तरलता ताप पर निर्भर करती है। 10 °C पर लिपिड द्विपरत अधिक श्यान और व्यवस्थित होती है, अतः प्रोटीन पार्श्व में धीमे विसरित होते हैं और पुनःप्राप्ति में अधिक समय लगता है (15 s के स्थान पर 45 s)। अन्य विकल्प झिल्ली के भीतर पार्श्व संचलन की व्याख्या नहीं करते।