आधुनिक इतिहास PYQ 379 / 636 · स्वराज पार्टी का गठन (1923)

स्वराज पार्टी का गठन किसकी असफलता के बाद हुआ?

  1. Aअसहयोग आंदोलन
  2. Bसविनय अवज्ञा आंदोलन
  3. Cरौलेट बिल सत्याग्रह
  4. Dचंपारण सत्याग्रह
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक

60th to 62nd B.P.S.C. (Pre) 2016

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (a) असहयोग आंदोलन

व्याख्या

31 दिसंबर, 1922 को गया में टिकारी के महाराजा के निवास पर हुई बैठक में कांग्रेस के भीतर एक नई पार्टी, 'कांग्रेस-खिलाफत स्वराज पार्टी', के गठन की घोषणा हुई। 1923 ई. में 'कांग्रेस-खिलाफत स्वराज पार्टी' (स्वराज पार्टी) बनी और 20-22 फरवरी, 1923 को इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) में इस नई पार्टी की सामान्य बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के कार्यक्रम और संविधान को मंजूरी दी गई और पार्टी को नया नाम 'स्वराज पार्टी' दिया गया। सी.आर. दास इसके अध्यक्ष और मोतीलाल नेहरू महासचिव बने। यह पार्टी कांग्रेस के भीतर रहते हुए परिषदों के चुनाव लड़ने के उद्देश्य से बनी थी। इसने राज्य परिषदों और केंद्रीय विधान परिषद दोनों के चुनावों में भाग लिया और अच्छी सफलता पाई। इनका वास्तविक उद्देश्य इन सभाओं में प्रवेश कर अपनी बात रखना और भीतर से सरकार के साथ असहयोग करना था। स्वराज पार्टी की स्थापना असहयोग आंदोलन की असफलता के बाद हुई।

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