नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): फ़्लोएम में चालनी नलिका तत्व जीवित कोशिकाएँ हैं, किंतु परिपक्वता पर उनमें केंद्रक नहीं होता।
कारण (R): सहचर कोशिकाएँ प्लाज़्मोडेस्मेटा द्वारा चालनी नलिका तत्वों की उपापचयी क्रियाओं का नियंत्रण करती हैं, जिससे शर्कराओं के फ़्लोएम में भरने और उतारने के लिए आवश्यक निरंतर दाब प्रवणता बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए:
- A(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) सही है किंतु (R) सही नहीं है
- C(A) और (R) दोनों सही नहीं हैं
- Dइनमें से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
व्याख्या
दोनों कथन सत्य हैं, और (R), (A) की व्याख्या करता है।
- (A): चालनी नलिका तत्व जीवित कोशिकाएँ हैं, पर परिपक्व होने पर वे अपना केंद्रक, राइबोसोम और रिक्तिका खो देते हैं। इससे एक खुली नलिका बनती है जिसमें शर्करा आसानी से बह सकती है।
- (R): केंद्रक के बिना चालनी नलिका तत्व स्वयं को जीवित नहीं रख सकता। उसकी पड़ोसी सहचर कोशिका, जो उससे अनेक प्लाज़्मोडेस्मेटा द्वारा जुड़ी है, में केंद्रक और अनेक माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं। यह चालनी नलिका का उपापचय चलाती है, जिसमें शर्कराओं का सक्रिय भरना और उतारना शामिल है, जो दाब प्रवाह को चालू रखता है।
अतः चालनी नलिका अपना केंद्रक केवल इसलिए खो सकती है क्योंकि सहचर कोशिका उसे सहारा देती है।