निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
अभिकथन (A): कार्बोक्सिलिक अम्ल कार्बोनिल समूह का परीक्षण नहीं देता।
कारण (R): कार्बोक्सिलिक समूह का कार्बोनिल कार्बन इलेक्ट्रॉन-न्यून है और इसलिए नाभिकस्नेही आक्रमण के प्रति कम संवेदनशील है।
नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A(A) गलत है किंतु (R) सही है
- B(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- C(A) सही है किंतु (R) गलत है
- D(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) (A) सही है किंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है और (R) गलत है।
- (A): कार्बोक्सिलिक अम्ल कार्बोनिल समूह के सामान्य परीक्षण (2,4-DNP, टॉलेन्स या फ़ेलिंग अभिकर्मक से) नहीं देते, जो ऐल्डिहाइड और कीटोन देते हैं।
- (R): इसका कारण कार्बन का इलेक्ट्रॉन-न्यून होना नहीं है। इलेक्ट्रॉन-न्यून कार्बन नाभिकस्नेहियों के आक्रमण के प्रति अधिक खुला होता, कम नहीं। –COOH समूह में –OH ऑक्सीजन के एकाकी युग्म अनुनाद द्वारा C=O के साथ साझा होते हैं, जिससे कार्बोनिल कार्बन कम इलेक्ट्रॉन-न्यून होता है, अतः वह नाभिकस्नेहियों से कम अभिक्रिया करता है।