निम्नलिखित बलों पर विचार कीजिए:
- I. विद्युतचुंबकीय बल
- II. नाभिकीय बल
- III. गुरुत्वाकर्षण बल
उपर्युक्त बलों को उनकी प्रबलता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
- AII, I, III
- BIII, II, I
- CI, III, II
- DIII, I, II
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) III, I, II
व्याख्या
प्रबल नाभिकीय बल को 1 मानें, तो मूल बलों की सापेक्ष प्रबलता लगभग इस प्रकार है:
- गुरुत्वाकर्षण बल: लगभग 10⁻³⁹ (सबसे दुर्बल, यद्यपि यह किसी भी दूरी तक कार्य करता है);
- विद्युतचुंबकीय बल: लगभग 10⁻²;
- नाभिकीय (प्रबल) बल: 1 (सबसे प्रबल, किंतु केवल नाभिक के भीतर कार्य करता है)।
अतः बढ़ता क्रम है गुरुत्वाकर्षण (III) < विद्युतचुंबकीय (I) < नाभिकीय (II)। दुर्बल नाभिकीय बल, जो यहाँ नहीं दिया गया, गुरुत्वाकर्षण और विद्युतचुंबकीय बल के बीच आता है।