भौतिक विज्ञान PYQ 343 / 350 · आधुनिक भौतिकी

प्रकाश-विद्युत प्रभाव में आइंस्टीन का समीकरण E = hν − φ है। निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  • I. φ धातु का कार्य फलन दर्शाता है।
  • II. यदि hν < φ हो, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होंगे।
  • III. आपतित फ़ोटॉनों की तीव्रता बढ़ाने से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

इनमें से कौन-से सही हैं?

  1. Aकेवल I और III
  2. Bकेवल I और II
  3. Cकेवल II और III
  4. Dसभी

B.P.S.C. AEDO 2026

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (b) केवल I और II

व्याख्या

आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण, Kₘₐₓ = hν − φ, बताता है कि फ़ोटॉन की ऊर्जा (hν) पहले इलेक्ट्रॉन को मुक्त करने (कार्य फलन φ) में लगती है और शेष इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा बन जाती है।

  • I सही है: φ कार्य फलन है, धातु से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा।
  • II सही है: यदि hν < φ हो, तो प्रकाश कितना भी तेज़ हो, कोई इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होता। इससे एक देहली आवृत्ति तय होती है।
  • III गलत है: अधिक तेज़ प्रकाश (अधिक तीव्रता) का अर्थ है अधिक फ़ोटॉन, अतः अधिक इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, किंतु प्रत्येक इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा केवल आवृत्ति पर निर्भर करती है।
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