कथन: कृष्णिका (ब्लैक बॉडी) विकिरण का आदर्श अवशोषक और उत्सर्जक है।
निष्कर्ष I: कृष्णिका से विकिरण परावर्तित नहीं होता।
निष्कर्ष II: कृष्णिका उच्च ताप पर अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करती है।
दिए गए कथन का सही निष्कर्ष चुनिए:
- Aकेवल निष्कर्ष I सही है
- Bकेवल निष्कर्ष II सही है
- Cदोनों निष्कर्ष सही हैं
- Dकोई भी निष्कर्ष सही नहीं है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) दोनों निष्कर्ष सही हैं
व्याख्या
कृष्णिका उस पर पड़ने वाले सारे विकिरण को अवशोषित कर लेती है, अतः वह कुछ भी परावर्तित नहीं करती (निष्कर्ष I सही है)। अच्छा अवशोषक अच्छा उत्सर्जक भी होता है, अतः कृष्णिका आदर्श उत्सर्जक भी है।
यह प्रति एकांक क्षेत्रफल प्रति सेकंड जो ऊर्जा विकिरित करती है, वह स्टीफ़न–बोल्ट्ज़मान नियम, E = σT⁴, का पालन करती है। ताप के साथ उत्सर्जन तेज़ी से बढ़ता है, अतः कृष्णिका उच्च ताप पर अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करती है (निष्कर्ष II सही है)। गर्म होने पर इसकी शिखर तरंगदैर्ध्य भी छोटी तरंगदैर्ध्य की ओर खिसकती है (वीन का नियम)।