लगभग 1 फ़ेम्टोमीटर (10⁻¹⁵ m) की दूरी पर स्थित दो प्रोटॉनों के बीच लगने वाले बलों पर विचार कीजिए। उनके बीच लगने वाले विद्युतचुंबकीय, गुरुत्वाकर्षण और नाभिकीय बलों की प्रबलता का सही क्रम है:
- Aगुरुत्वाकर्षण > विद्युतचुंबकीय > नाभिकीय
- Bविद्युतचुंबकीय > नाभिकीय > गुरुत्वाकर्षण
- Cनाभिकीय > गुरुत्वाकर्षण > विद्युतचुंबकीय
- Dनाभिकीय > विद्युतचुंबकीय > गुरुत्वाकर्षण
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) नाभिकीय > विद्युतचुंबकीय > गुरुत्वाकर्षण
व्याख्या
लगभग 1 फ़ेम्टोमीटर (नाभिक के आकार) की दूरी पर दो प्रोटॉनों के बीच के बलों की तुलना इस प्रकार है:
- नाभिकीय (प्रबल) बल: सबसे प्रबल; यह नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों को बाँधे रखता है, किंतु केवल लगभग 10⁻¹⁵ m तक कार्य करता है;
- विद्युतचुंबकीय बल: दोनों धनावेशों के बीच प्रतिकर्षण; प्रबल, किंतु इस दूरी पर नाभिकीय बल से लगभग 100 गुना दुर्बल;
- गुरुत्वाकर्षण बल: दोनों से कहीं अधिक दुर्बल, दो प्रोटॉनों के बीच विद्युतचुंबकीय बल का लगभग 10⁻³⁶ गुना।
अतः नाभिकीय > विद्युतचुंबकीय > गुरुत्वाकर्षण।