भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की स्वतंत्रता किस प्रकार सुनिश्चित की गई है?
- 1. कार्यकाल पूरा होने के बाद उन पर कोई सरकारी पद धारण करने पर रोक है।
- 2. उनका वेतन, कर्मचारियों के वेतन को छोड़कर, भारत के लोक लेखा पर भारित है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- Aकेवल 2
- Bन तो 1 और न ही 2
- Cकेवल 1
- D1 और 2 दोनों
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) केवल 1
व्याख्या
केवल कथन 1 सही है।
- अनुच्छेद 148(4) के अंतर्गत CAG पद छोड़ने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कोई अन्य पद धारण नहीं कर सकते। इससे वे भविष्य में पुरस्कार की आशा से मुक्त रहते हैं।
- CAG का वेतन और उनके कार्यालय के व्यय, कर्मचारियों के वेतन सहित, भारत की संचित निधि पर भारित हैं, लोक लेखा पर नहीं (अनुच्छेद 112(3) और 148(6))। भारित व्यय पर संसद में मतदान नहीं होता। इसलिए कथन 2 गलत है।
अन्य सुरक्षा उपाय: केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जाना, और नियुक्ति के बाद सेवा-शर्तों में उनके लिए अलाभकारी परिवर्तन न किया जा सकना।