भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के प्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- 1. EVM का प्रयोग पहली बार 1982 में केरल के एक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में हुआ था।
- 2. जहां बिजली नहीं है, वहां EVM नहीं चलतीं।
- 3. EVM को भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने विकसित और डिज़ाइन किया है।
- 4. EVM के साथ VVPAT का प्रयोग पहली बार नागालैंड में हुआ था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन गलत है/हैं?
- Aकेवल 2
- Bकेवल 1, 2 और 4
- Cकेवल 4
- Dकेवल 3 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) केवल 2
व्याख्या
केवल कथन 2 गलत है।
- EVM का प्रयोग पहली बार 1982 में केरल के परवूर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में हुआ।
- EVM बैटरी से चलती हैं और इन्हें बिजली की आपूर्ति की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए ये वहां भी काम करती हैं जहां बिजली नहीं है। कथन 2 गलत है।
- इन्हें निर्वाचन आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ डिज़ाइन किया गया है और ये सार्वजनिक क्षेत्र के दो उपक्रम बनाते हैं: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेंगलुरु) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (हैदराबाद)।
- EVM के साथ VVPAT का प्रयोग पहली बार 2013 में नागालैंड के नोकसेन विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में हुआ।