कथन (A): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, राज्य सभा राष्ट्रीय हित में नई अखिल भारतीय सेवाएं सृजित कर सकती है।
कारण (R): राज्य सभा राष्ट्रीय हित को व्यापक रूप से परिभाषित कर सकती है।
- A(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- C(A) सही है परंतु (R) गलत है
- D(A) गलत है परंतु (R) सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) (A) सही है परंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है और (R) गलत है।
अनुच्छेद 312 के अंतर्गत, यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई के समर्थन से संकल्प द्वारा घोषित करे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा नई अखिल भारतीय सेवाएं सृजित कर सकती है। इसलिए नई सेवाएं राज्य सभा के संकल्प से आरंभ होती हैं, जैसा कि (A) कहता है।
संविधान राज्य सभा को "राष्ट्रीय हित को व्यापक रूप से परिभाषित" करने की कोई शक्ति नहीं देता। वह सदन को केवल यह घोषित करने देता है कि राष्ट्रीय हित में कोई नई सेवा आवश्यक है। इसलिए (R) गलत है।
राज्य सभा की यह विशेष भूमिका इसलिए है कि वह राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है, और अखिल भारतीय सेवाएं संघ और राज्यों दोनों की सेवा करती हैं।