भारतीय राजव्यवस्था PYQ 393 / 440 · पंचायती राज और सामुदायिक विकास

भारत में पंचायती राज संस्थाओं की अप्रभाविता का/के संभावित कारण निम्नलिखित में से कौन-सा/से है/हैं?

  • 1. शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल की व्यवस्था जैसे विभिन्न शासकीय कार्यों का हस्तांतरण 73वें संशोधन अधिनियम द्वारा अनिवार्य नहीं किया गया था।
  • 2. पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित्त की कमी।
  • 3. पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण के अनिवार्य प्रावधान होने के बावजूद इन कमज़ोर वर्गों का प्रतिनिधित्व लगभग नहीं के बराबर है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही विकल्प चुनिए:

  1. A1, 2 और 3
  2. Bकेवल 1 और 2
  3. Cकेवल 2 और 3
  4. Dकेवल 1

B.P.S.C. AEDO 2026

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (b) केवल 1 और 2

व्याख्या

कारण 1 और 2 सही हैं, और 3 नहीं।

  • 73वें संशोधन ने ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध किए, परंतु उनका हस्तांतरण राज्यों पर छोड़ दिया। कई राज्यों ने वास्तविक कार्य, कर्मचारी और धन नहीं सौंपे हैं।
  • वित्त की कमी: अधिकांश पंचायतों के अपने राजस्व स्रोत कम हैं और वे राज्य के अनुदानों पर निर्भर हैं।

कथन 3 गलत है। सीटों के आरक्षण से बड़ी संख्या में महिलाएं और अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य पंचायतों में आए हैं (महिलाओं के पास कम से कम एक-तिहाई सीटें हैं, और बिहार सहित कई राज्यों में 50%)। समस्याएं कमज़ोर शक्तियां और प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व हैं, प्रतिनिधित्व की कमी नहीं।

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