भारत में पंचायती राज संस्थाओं की अप्रभाविता का/के संभावित कारण निम्नलिखित में से कौन-सा/से है/हैं?
- 1. शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल की व्यवस्था जैसे विभिन्न शासकीय कार्यों का हस्तांतरण 73वें संशोधन अधिनियम द्वारा अनिवार्य नहीं किया गया था।
- 2. पंचायती राज संस्थाओं के लिए वित्त की कमी।
- 3. पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण के अनिवार्य प्रावधान होने के बावजूद इन कमज़ोर वर्गों का प्रतिनिधित्व लगभग नहीं के बराबर है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही विकल्प चुनिए:
- A1, 2 और 3
- Bकेवल 1 और 2
- Cकेवल 2 और 3
- Dकेवल 1
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) केवल 1 और 2
व्याख्या
कारण 1 और 2 सही हैं, और 3 नहीं।
- 73वें संशोधन ने ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध किए, परंतु उनका हस्तांतरण राज्यों पर छोड़ दिया। कई राज्यों ने वास्तविक कार्य, कर्मचारी और धन नहीं सौंपे हैं।
- वित्त की कमी: अधिकांश पंचायतों के अपने राजस्व स्रोत कम हैं और वे राज्य के अनुदानों पर निर्भर हैं।
कथन 3 गलत है। सीटों के आरक्षण से बड़ी संख्या में महिलाएं और अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य पंचायतों में आए हैं (महिलाओं के पास कम से कम एक-तिहाई सीटें हैं, और बिहार सहित कई राज्यों में 50%)। समस्याएं कमज़ोर शक्तियां और प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व हैं, प्रतिनिधित्व की कमी नहीं।