निम्नलिखित में से कौन-से सामाजिक सुधार विलियम बेंटिक ने प्रारंभ किए?
- 1. सती प्रथा का उन्मूलन
- 2. दास प्रथा का उन्मूलन
- 3. धर्म परिवर्तन के कारण अयोग्यता के प्रावधान को हटाना
- 4. ठगों के संगठित गिरोहों का दमन
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
- Aकेवल 1 और 2
- Bकेवल 1, 3 और 4
- Cकेवल 1, 2 और 4
- Dकेवल 1, 2, 3 और 4
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) केवल 1, 2 और 4
व्याख्या
लॉर्ड विलियम बेंटिक 1828 ई. में गवर्नर जनरल बना। 1829 ई. में उसने सती को अपराध घोषित कर उसका उन्मूलन किया। बेंटिक के काल में चार्टर एक्ट, 1833 पारित हुआ, जिसमें दास प्रथा के उन्मूलन से जुड़े प्रावधान थे। बेंटिक ने ठगों के गिरोहों के विरुद्ध अभियान चलाकर उनका दमन करने का प्रयास भी किया। उसने शिक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी काम किया। 1835 ई. में वह इंग्लैंड लौट गया। धर्म परिवर्तन के कारण अयोग्यता का प्रावधान 1850 ई. में हटाया गया। अतः कथन 1, 2 और 4 सही हैं और विकल्प (c) सही उत्तर है। नोट: 1833 का चार्टर एक्ट दास प्रथा के उन्मूलन की दिशा में एक आरंभिक और नीतिगत कदम था, परंतु इसके पारित होते ही दास प्रथा समाप्त नहीं हुई; इसने उन्मूलन के लिए एक व्यावहारिक आधार दिया। दास प्रथा का वास्तविक और औपचारिक उन्मूलन इंडियन स्लेवरी एक्ट, 1843 से हुआ, जिसने दासों की खरीद-बिक्री और दास रखने को सीधे गैर-कानूनी घोषित किया।