वह धातुकर्म प्रक्रिया, जिसमें धातु संगलित अवस्था में प्राप्त होती है, कहलाती है
- Aभर्जन
- Bनिस्तापन
- Cझाग प्लवन
- Dप्रगलन
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) प्रगलन
व्याख्या
प्रगलन में अयस्क को कोक (कार्बन) जैसे अपचायक के साथ गर्म करके धातु निकाली जाती है, जिससे धातु संगलित (पिघली) अवस्था में प्राप्त होती है।
भर्जन में सल्फाइड अयस्क को अधिक वायु में और निस्तापन में कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में गर्म करके वाष्पशील पदार्थ निकाले जाते हैं।
झाग प्लवन केवल अयस्क सांद्रण का चरण है, धातु निष्कर्षण नहीं।