किसी जीन के भीतर क्षार अनुक्रम में परिवर्तन को कहते हैं
- Aउत्परिवर्तन
- Bक्लोनिंग
- Cविखंडन
- Dप्रजनन (ब्रीडिंग)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) उत्परिवर्तन
व्याख्या
उत्परिवर्तन किसी जीन के भीतर DNA के क्षार अनुक्रम में परिवर्तन है।
यह DNA प्रतिलिपि की त्रुटियों, आयनकारी विकिरण, उत्परिवर्तजनों या विषाणु संक्रमण से हो सकता है।
क्लोनिंग समान प्रतियां बनाती है, विखंडन अलैंगिक विभाजन है और प्रजनन संतान उत्पन्न करना है - इनमें से कोई क्षार अनुक्रम नहीं बदलता।