बायोलॉजिकल रिसर्फेसिंग एक नई शल्य तकनीक है, जिसका उपयोग किसकी समस्याओं के उपचार में होता है?
- Aघुटने के जोड़
- Bटखने के जोड़
- Cकूल्हे के जोड़
- Dकशेरुक जोड़
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) घुटने के जोड़
व्याख्या
बायोलॉजिकल रिसर्फेसिंग में किसी जोड़ की क्षतिग्रस्त उपास्थि को जैविक ऊतक से बदला या ढका जाता है, ताकि चिकनी भार-वहन सतह बहाल हो।
इसका उपयोग घुटने के जोड़ की उपास्थि के दोषों के उपचार में होता है, विशेषकर युवा रोगियों में, ताकि पूर्ण जोड़ प्रतिस्थापन टाला जा सके।
धातु की आर्थ्रोप्लास्टी के विपरीत, यह जोड़ की सतह पर उपास्थि जैसे ऊतक की पुनर्वृद्धि को बढ़ावा देती है।