भारत में राज्य विद्युत बोर्डों की वित्तीय कमजोरी के निम्नलिखित कारणों पर विचार कीजिए— I. कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को उत्पादन लागत से कम कीमत पर बिजली की बिक्री। II. उच्च पारेषण और वितरण हानियां। III. राज्य विद्युत बोर्डों की व्यावसायिक स्वायत्तता का अभाव। IV. राज्य सरकारों द्वारा राज्य विद्युत बोर्डों के माध्यम से सामाजिक सब्सिडी नीतियों का क्रियान्वयन। उपर्युक्त में से कौन-से सही हैं?
- AI, II और III
- BI, II, III और IV
- CI, III और IV
- DII, III और IV
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) I, II, III और IV
व्याख्या
भारत में राज्य विद्युत बोर्ड अनेक कमजोरियों से ग्रस्त हैं और अनेक कठिनाइयों का सामना करते हैं, जैसे प्रबंधकीय अक्षमताएं, वित्तीय संसाधनों की कमी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भुगतान करने में असमर्थता और उच्च पारेषण तथा वितरण हानियां। अनेक राज्यों में कृषि क्षेत्र को बहुत कम कीमत पर बिजली दी जाती है, जिससे सब्सिडी का भार काफी बढ़ जाता है। बिजली चोरी, कम वोल्टेज आपूर्ति, दूरस्थ और विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में बिजली प्रदान करने और वितरण तंत्र में अपर्याप्त निवेश के कारण पारेषण और वितरण हानियां अपेक्षाकृत अधिक हैं।