रेगुर नाम है –
- Aलाल मिट्टी का
- Bजलोढ़ मिट्टी का
- Cकाली मिट्टी का
- Dलैटेराइट मिट्टी का
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) काली मिट्टी का
व्याख्या
काली मिट्टी दक्कन के पठार के अधिकांश भागों में पाई जाती है। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के भाग शामिल हैं। इस मिट्टी का सबसे अधिक विस्तार महाराष्ट्र में है। गहरी काली मिट्टी गोदावरी और कृष्णा नदी बेसिनों के ऊपरी भागों तथा दक्कन के पठार के उत्तर-पश्चिमी भाग में पाई जाती है। इन मिट्टियों को रेगुर और कपास मिट्टी भी कहा जाता है। सामान्यतः काली मिट्टियां गहरी, चिकनी और अपारगम्य होती हैं। गीली होने पर ये फूल जाती हैं और चिपचिपी हो जाती हैं तथा सूखने पर सिकुड़ जाती हैं। इन्हें स्वतः जुताई वाली मिट्टी भी कहा जाता है। नमी के धीमे अवशोषण और कम नमी-ह्रास के कारण काली मिट्टी लंबे समय तक नमी बनाए रखती है।