वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- 1. इसे लॉर्ड लिटन ने लागू किया था।
- 2. इसे 'गैगिंग एक्ट' के नाम से जाना जाने लगा।
- 3. इस एक्ट को लॉर्ड रिपन ने रद्द किया।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- Aकेवल 1 और 2
- Bकेवल 2 और 3
- Cकेवल 1
- D1, 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या
लॉर्ड लिटन ने वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट, 1878 लागू किया, जिससे सरकार को तथाकथित 'सरकार-विरोधी सामग्री' छापने वाले समाचार-पत्रों को जब्त करने का अधिकार मिला। उल्लेखनीय है कि अंग्रेजी भाषा के समाचार-पत्रों को इस एक्ट से छूट थी और वे इसके प्रावधानों के अधीन नहीं थे। वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट के तहत किसी भी मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त को अधिकार था कि वह किसी समाचार-पत्र के मुद्रक या प्रकाशक को एक निश्चित प्रकार की सामग्री न छापने का आदेश दे और आपत्तिजनक मानी गई किसी भी छपी सामग्री को जब्त कर ले। इस एक्ट को 'गैगिंग एक्ट' नाम दिया गया। इसकी सबसे आपत्तिजनक विशेषताएं थीं: (i) अंग्रेजी और देशी प्रेस के बीच भेदभाव, और (ii) अपील का कोई अधिकार नहीं। इसके तहत सोम प्रकाश, भारत मिहिर, ढाका प्रकाश आदि समाचार-पत्रों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यह कानून 1882 ई. में लिटन के उत्तराधिकारी लॉर्ड रिपन (वायसराय, 1880-84) ने रद्द किया।