1917 में भोजन में जहर देकर हत्या के प्रयास से महात्मा गांधी की जान बचाने वाला बिहार का रसोइया था
- Aमुजफ्फर अहमद
- Bबतख मियां
- Cमीर बकावल
- Dइनमें से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) बतख मियां
व्याख्या
चंपारण सत्याग्रह के दौरान नील बागान के प्रबंधक डब्ल्यू. एस. इरविन ने गांधी जी को भोजन पर आमंत्रित किया। उसने अपने रसोइये बतख मियां को गांधी जी को जहर मिला दूध परोसने का निर्देश दिया, परंतु बतख मियां ने आदेश नहीं माना और गांधी जी को जहरीले दूध की सच्चाई बता दी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस घटना के साक्षी थे।